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Latest news online। इजरायल में पीएम नेतन्‍याहू के खिलाफ सड़क पर उतरी लाखों की भीड़

26 अप्रैल को इजरायल अपना स्‍वतंत्रता दिवस मनाता है। इस बार देश अपनी आजादी का 75वां जश्‍न मनाने की तैयारी कर रहा है लेकिन उससे पहले ही देश में बड़े पैमाने पर हो रहे प्रदर्शनों ने इसे कठघरे में ला दिया है। 22 अप्रैल से ही इजरायली जनता फिर से सड़कों पर है और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। लोग प्रदर्शन क्यो कर रहे हैं, जानने के लिए इस Latest news online के आर्टिकल को पूरा पढ़िए।

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स्‍वतंत्रता दिवस से पहले बवाल

26 अप्रैल को इजरायल अपना स्‍वतंत्रता दिवस मनाता है। इस बार देश अपनी आजादी का 75वां जश्‍न मनाने की तैयारी कर रहा है लेकिन उससे पहले ही देश में बड़े पैमाने पर हो रहे प्रदर्शनों ने इसे कठघरे में ला दिया है। 22 अप्रैल से ही इजरायली जनता फिर से सड़कों पर है और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। नेतन्‍याहू की सरकार की तरफ से देश की न्‍यायिक व्‍यवस्‍था में सुधार के नाम पर जो प्‍लान लाया गया है, वह जनता को पसंद नहीं आ रहा है। इस प्‍लान के विरोध में बड़े पैमाने पर लोग सड़कों पर हैं। सबसे बड़ी गलती बेंजामिन नेतन्‍याहू ने रक्षा मंत्री को हटा कर की जो उनके लिए बहुत भारी पड़ा। अब उन्हें ऐसी मुंह की खानी पड़ी है, जैसा उनके लंबे राजनीतिक करियर में कभी नहीं हुआ।

इतिहास का सबसे बड़ा संकट​

इस साल की शुरुआत से ही देश में बड़े पैमाने पर विरोध जारी है। सन् 1948 में इजरायल की स्‍थापना हुई थी। ऐसे में स्‍वतंत्रता दिवस से ठीक पहले राष्‍ट्रीय एकता का प्रदर्शन करने के मकसद से जनता विरोध प्रदर्शन कर रही है। विशेषज्ञों की मानें तो यह इजरायल के इतिहास के सबसे गंभीर संकटों में से एक है।

लोकतंत्र के खिलाफ चाल​

देश की सुप्रीम कोर्ट को कमजोर करने की नेतन्याहू सरकार की योजनाओं ने जनता को नाराज कर दिया है। जनता सरकार के प्‍लान को अपने देश की जांच और संतुलन की व्यवस्था पर हमले के रूप में देखते हैं और इसके लोकतंत्र के लिए खतरा करार दे रही है। यहूदी महिलाओं के लिए बनी राष्‍ट्रीय काउंसिल की अध्‍यक्षा शीला काट्ज के मुताबिक यह योजना न्यायिक सुधार के बारे में नहीं बल्कि लोकतंत्र के बारे में है।

नेतन्‍याहू, क्राइम मिनिस्‍टर

जनता का कहना है सुप्रीम कोर्ट सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए है और ऐसे में उसे राजनीति से दूर रखना चाहिए। जनता इजरायल की आजादी के 75 साल लिखे हुए प्‍लेकार्ड और नेतन्याहू की फोटो पर ‘क्राइम मिनिस्‍टर’ लिखे हुए बैनर लेकर प्रदर्शन कर रही है। सरकार को लगा कि ये प्रदर्शन वामपंथी समूहों की तरफ से किए जा रहे हैं, जिनके साथ जन समर्थन नहीं है। जबकि इन प्रदर्शनों को कारोबारी समुदाय, टेक्नोलॉजी सेक्टर और आम लोगों का भी समर्थन मिल रहा था।

ट्रेड यूनियन ने की अपील

विरोध प्रदर्शनों ने पूरे इजरायली समाज में लोगों को प्रेरित किया है। सेना की एलीट रिजर्व यूनिट्स के हजारों अधिकारियों ने कहा है कि वे ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने से मना कर देंगे। हाई-टेक बिजनेस लीडर्स और सुरक्षा प्रतिष्ठान प्रस्ताव के खिलाफ आ गए हैं। ट्रेड यूनियनों ने आम हड़ताल की अपील की है।

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